बुधवार, 22 अगस्त 2018




पुस्तक परिचय
शिक्षा का अधिकार
स्थिति और प्रभाव
लेखक – डॉ० सुनील कुमार गौड़
पुस्तक समीक्षक – डॉ० उमेश चमोला
निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के  अधिकार अधिनियम २००९ के अंतर्गत उत्तराखण्ड में सभी बच्चों को शिक्षा के अवसरों की समानता का प्रयास किया गया है | इसके लिए समाज के कमजोर वर्ग तथा अपवंचित वर्ग के बच्चों को निजी / गैर अल्पसंख्यक असहायता प्राप्त विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने के अवसर दिए जा रहे हैं | इसका व्यय सरकार द्वारा वहन किया जाता है | अन्य विद्यार्थियों की तुलना में इन वर्गों के विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धि तथा शिक्षा के अधिकार का इन विद्यार्थियों पर पडने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाना आवश्यक है | इससे शिक्षा के अधिकार कानून की प्रभावशीलता का भी पता चलेगा | इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा का अधिकार
स्थिति और प्रभाव’ पर डॉ ० सुनील कुमार गौड़ द्वारा शोध कार्य किया गया है | इसे समय साक्ष्य प्रकाशन देहरादून द्वारा पुस्तिका के रूप में प्रकाशित किया गया है |
पुस्तक में दी गई विषयवस्तु  आठ अध्यायों में विभक्त की गई है | प्रथम अध्याय ‘प्रस्तावना ‘ में महात्मा गाँधी और  जे ० कृष्णमूर्ति के विचारों के आधार पर शिक्षा की अवधारणा को स्पष्ट किया गया है | साथ ही भारतीय संविधान और विभिन्न राष्ट्रीय शैक्षिक दस्तावेजों  के परिप्रेक्ष्य में निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया है | दूसरा अध्याय शिक्षा के अधिकार की पृष्ठभूमि पर आधारित है | इसमें सन १८७० में प्रत्येक ब्रितानी के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को कानूनी रूप देने से प्रारंभ करते हुए 4 अगस्त २००९ को भारतीय संसद द्वारा बच्चों हेतु निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम २००९ पारित करने,२६ अगस्त २००९ को इसके क़ानून बनने और 1 अप्रैल 2010 से लागू होने तक के ऐतिहासिक क्रम को प्रस्तुत किया गया है | अध्याय 3 में  उत्तराखंड की प्रारम्भिक शिक्षा तथा शिक्षा का अधिकार’ में उत्तराखंड में प्रारंभिक शिक्षा के शैक्षिक परिदृश्य से सम्बंधित आंकड़े दिए गए हैं | साथ ही उत्तराखण्ड में शिक्षा के अधिकार के क्रियान्वयन से सम्बंधित तथ्य दिए गए हैं | निजी विद्यालयों में अपवंचित और कमजोर वर्ग के बच्चे कैसे प्रवेश पाते हैं, इस पर भी प्रकाश डाला गया है | अध्याय 4 में शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत निजी विद्यालयों में कमजोर और अपवंचित वर्ग के विद्यार्थियों से सम्बंधित पूर्व में किये गए अध्ययनों का विवेचनात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है | इसी अध्याय में संयुक्त राष्ट्र बालकोष यूनिसेफ़ हाउस नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित ’निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम २००९ पर अक्सर पूछे जाने वाले  सवाल पुस्तिका में दिए ८३ प्रश्नों में से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उनके उत्तरों सहित दिए गए हैं | किसी भी शैक्षिक शोध में पूर्व में किये अध्ययनों के विवेचन से उस शोध की मौलिकता प्रमाणित होती है | इस अध्याय से स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड के असहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्ययनरत अपवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा व्यवस्था हेतु सरकार  द्वारा व्यय की जा रही धनराशि की उपादेयता, इन बच्चों की स्थिति तथा शिक्षा के अधिकार का इन बच्चों पर प्रभाव विषय पर शोध पहली बार लेखक द्वारा किया गया है | अध्याय 5 में उत्तराखण्ड में शिक्षा के अधिकार के परिप्रेक्ष्य में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के परिदृश्य से सम्बंधित आंकड़े दिए गए हैं | अध्याय 6 से 8 शोध की प्रक्रिया, आंकड़ों का विश्लेषण, शोध निष्कर्ष तथा आगामी शोध हेतु सुझाव पर आधारित हैं | शोध से महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्राप्त हुए हैं | निजी विद्यालयों के प्रबंधकों,प्रधानाचार्यों तथा शिक्षकों से साक्षात्कार द्वारा प्राप्त आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट होता है कि अपवंचित तथा कमजोर वर्ग की शैक्षिक प्रगति के लिए यह अधिनियम लाभकारी है | शोध अध्ययन से इस  अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने में आई समस्याएं भी रेखांकित हुई हैं जैसे कतिपय विद्यालयों द्वारा इस अधिनियम का पूर्ण रूप से पालन न किया जाना,सभी निजी विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष 25 प्रतिशत सीटों की घोषणा नहीं कर पाना, घोषित सीटों के सापेक्ष सभी सीटों पर प्रवेश न कर पाना, सरकार द्वारा प्रतिवर्ष समय से विद्यालयों को प्रतिपूर्ति व्यय न मिल पाना आदि | इसके साथ ही शोधकर्ता द्वारा इस अधिनियम को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं |
 शोध पर आधारित यह पुस्तक शैक्षिक प्रशासकों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी  | ऐसा विश्वास है| पुस्तक के अंत में 13 बाल अधिकारों को दिया गया है जो पुस्तक के महत्व को और भी बढ़ाते हैं |
पुस्तक का मूल्य -१२० रु , प्रकाशन वर्ष -२०१८,
प्रकाशक – समय साक्ष्य 15 फालतू लाइन, देहरादून, उत्तराखण्ड |
लेखक संपर्क - 9456377099